रूस और यूक्रेन में झगड़े की की असली वजह

Russia ukraine war reasons: साल २०२२ यूक्रेन के लिए चिंता करने वाला साल बढ़ गया जब रूस जो की उनके साम्राज्य से ज्यादा ताक़तवर है उन्होंने Russia-Ukraine border पे १५०००० मिलिट्री फ़ोर्सेस तैनात की थी । जनवरी महीने में यूक्रेन साइबर सेल पे अटैक हुआ और इसकी वजह भी रूस को ही मानता है ।

तो अगर रूस और यूक्रेन का युद्ध होता है तो अमेरिका और रूस का भी युद्ध होगा ये जानकारों का मानना है । आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि, Russia ukraine war reasons, आखिर उनके बीच विवाद की असली वजह क्या है? इसी के साथ अन्य पहलू जैसे की अगर world war की नौबत आती है तो हमे क्या देखने को मिल सकता है यह भी समझेंगे । तो आर्टिकल को अंत तक पढ़ना ।

रूस और यूक्रेन में क्या हुआ?

Russia ukraine war reasons

साल १९४५ जब दूसरा विश्वयुद्ध समाप्त हुआ तो अमेरिका और USSR के बीच बहुत से बातो में अन बंध पैदा हुई । इसका नतीजा यह हुआ की दोनो के बीच साल १९४५ से १९९० तक बड़ा युद्ध देखने को मिला । यह युद्ध कोई हथियार से नही लड़ी गई बल्कि डिप्लोमेसी से लड़ी गई । आए दिन न्यूजपेपर ने एक दूसरे के खिलाफ हमने बहुत सी खबरे आते देखी और उनके जवाब भी देखे । कई लोग इसे cold war भी कहते है ।

इसका नतीजा यह हुआ की USSR जो की एकसंघ था उसे १५ देशों में बटना पड़ा । देश बताने में अमेरिका का बड़ा हात था । इन १५ देशों ने सबसे बड़ा देश था रूस जिसे Russia भी कहा जाता है ।इस तरह साल १९९१ में रूस और यूक्रेन का जन्म हुआ था ।

रूस और यूक्रेन में साल २०१४ से ही मतभेद होने चालू हुए थे । इसी कारणवश रूस ने यूक्रेन के crimea पे जबरदस्ती कब्ज़ा कर लिया । इसके पीछे की वजह है की यूक्रेन की यूरोप के साथ कुछ ज्यादा ही जम रही थी और रूस के बजाय यूरोपियन कंट्रीज को यूक्रेन और उनके संसाधनों का फायदा पहुंच रहा था ।

इसपर अमेरिका के प्रेजिडेंट जो बायड़न ने कहा की अगर रूस यूक्रेन पे हमला करता है तो उसे उसके गंभीर परिणामों से गुजरना पड़ सकता है । उसके कुछ दिनों बाद रूस ट्रूप की एक सैटेलाइट इमेज सामने आई जिसमे साफ दिखाई पड़ रहा था की रूस बंकर यूक्रेन रूस बॉर्डर पर तैनात है ।

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Why Ukraine is important for Russia?

हमने ऊपर पहले की बता दिया की पहले यह एकसंघ देश था जो की आपस में बट गया। रूस के लिए यूक्रेन उनके प्राकृतिक संसाधनों का केंद्र है । असल में रूस के प्राकृतिक संसाधन यूक्रेन में ही पाए जाते है । रूसी संस्कृति ने अभि भी खुद को उकरीने के साथ जोड़ा है । यूक्रेन के कैपिटल शहर को अभी भी रूस साम्राज्य की मां कहा जाता है ।

२०१४ में जब रूस ने क्रीमिया को अपने कब्जे में लिया तो उन्होंने दुनिया को बता दिया की असल में क्रीमिया के मूल निवासी रूस ने शामिल होना चाहते है । अब यूक्रेन के सिप्रेटिस्ट मतलब जो रूस के मूल निवासी है उनको भड़काया जा रहा है ।

यूक्रेन को ये बात पता है की रूस कभी भी उसपर हमला कर सकता है । लेकिन उस से बचने के लिए उसके पास एक रास्ता है की NATO में शामिल हो जाए । NATO मतलब North Atlantic treaty organization जिसकी स्थापना दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका द्वारा की गई थी ।

इसका उद्देश था की जो भी कैप्टलिस्ट देश जिनका दूसरे विश्वयुद्ध में भारी नुकसान हुआ है वो एक साथ आए और एक दुसरे को मदत करे ।
इसी के साथ अगर किसी देश पे कोई विपदा आती है तो दूसरा देश उसकी मदत के लिए सामने आएगा । अब जब की रूस सैन्य लेकर तैयार है तो यूक्रेन चाहता है की वो NATO का सदस्य बने ताकि उसे सुरक्षा मिले । वही दूसरी तरफ रूस है जिसने भी WTO यानी War treaty organization की स्थापना की है ।

अब क्या होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा । पर हमे नही लगता की वर्ल्ड वॉर के परिणाम देखने को मिलेंगे ।